मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों की समस्याओं के निराकरण के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी बनाई है। इस समिति में वित्त, बेसिक शिक्षा व न्याय विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे।
इस समिति को शिक्षामित्रों की समस्याओं के हल के संबंध में सरकार को अपनी रिपोर्ट देनी होगी। बुधवार को शिक्षामित्रों ने समायोजन रद्द होने का एक वर्ष पूरा होने पर राजधानी में प्रदर्शन किया और महिला शिक्षामित्रों ने भी मुंडन करा कर विरोध जताया। 25 जुलाई, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था।
शिक्षामित्र बीते एक वर्ष से समान कार्य, समान वेतन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके समायोजन तक उन्हें शिक्षक के समान वेतन दिया जाए। अन्य राज्यों की तरह उनके समायोजन की राह सरकार निकाले। शिक्षामित्र अध्यादेश लाकर समायोजन की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही जो शिक्षक टीईटी पास है उनको बिना लिखित परीक्षा और अनुभव के आधार पर नियुक्ति दी जाए। जिन शिक्षामित्रों की असामयिक मृत्यु हो गयी है उन्हें मुआवजा व उनके परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों की तरह बी.एड और टीईटी पास अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए भी समिति का गठन किया है। इस समिति में प्रमुख सचिव न्याय अध्यक्ष तथा अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा और प्रमुख सचिव गृह शामिल किए गए हैं।